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Tuesday, 18 July 2023
पृथ्वी मील बदल सकते हैं सूरतगढ़ के समीकरण
Thursday, 6 July 2023
चारण के राजस्थानी काव्य संग्रह ‘अगनसिनान’ के हिंदी अनुवाद का लोकार्पण
विख्यात समालोचक डॉ. नीरज दइया ने किया है अनुवाद
बीकानेर, 6 जुलाई। राजस्थानी के महत्त्वपूर्ण कवि डॉ. अर्जुन देव चारण की कविताओं को अनुवाद के माध्यम से हिंदी के समृद्ध पाठक वर्ग तक पहुंचाने का डॉ. नीरज दइया ने सराहनीय कार्य किया है। अनुवाद दो भाषाओं के मध्य सेतु का कार्य करता है, यह प्रक्रिया निरंतर गतिशील रहनी चाहिए।
प्रतिष्ठित कवि-चिंतक डॉ. नंदकिशोर आचार्य ने ये उद्गार सुपरिचित कवि-आलोचक डॉ. नीरज दइया द्वारा डॉ. अर्जुन देव चारण के राजस्थानी काव्य संग्रह ‘अगनसिनान’ के हिंदी अनुवाद-कृति के लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किए।
डॉ. आचार्य ने कहा कि साहित्यिक रूप से राजस्थानी को मान्यता मिली हुई है। साहित्य अकादमी प्रतिवर्ष राजस्थानी कृतियों को पुरस्कृत करती रही है किंतु संवैधानिक मान्यता के लिए राजस्थानी साहित्यकार वर्षों से संघर्षरत हैं। उन्होंने कहा कि कविता, कहानी आदि साहित्यिक विधाओं में निरंतर सृजन करने के साथ-साथ राजस्थानी लेखकों को विज्ञान, समाजशास्त्र, मनोविज्ञान, आर्थिकशास्त्र आदि विभिन्न विषयों पर भी मौलिक लेखन करना चाहिए तथा अनुवाद के माध्यम से भी इन विषयों की पुस्तकें राजस्थानी पाठकों तक पहुंचाने के प्रयास करने चाहिए।
नेगचार संस्था की ओर से आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ कवि सरल विशारद ने कहा डॉ. नीरज दइया प्रतिभाशाली साहित्यकार हैं जो मौलिक लेखन के साथ-साथ अनुवाद कार्यों को भी गंभीरतापूर्वक करते रहे हैं। आपने नंदकिशोर जी की कविताओं का हिंदी में राजस्थानी में अनुवाद किया है जो एक बहुत बड़ा कार्य है इसी प्रकार अर्जुन देव चारण की कविताओं का हिंदी में आना एक बड़ा कार्य है।
विशिष्ट अतिथि पंडित जवाहर लाल नेहरू बाल साहित्य अकादमी के उपाध्यक्ष बुलाकी शर्मा ने कहा कि डॉ नीरज दइया वर्षों से अनुवाद कार्य में संलग्न हैं। उन्होंने राजस्थानी और हिंदी में परस्पर अनुवाद से देश में जहां राजस्थानी साहित्य को दूर दूर तक पहुंचाया है वहीं भारतीय साहित्य को राजस्थानी में लाकर अनुवाद को सृजनात्मकता के अनेक आयाम प्रस्तुत किए हैं। अगनसिनान की लंबी कविताएं हिंदी के माध्यम से अन्य भारतीय भाषाओं में जाएगी तब निसंदेह यह प्रमाणित होगा कि राजस्थानी में श्रेष्ठतम साहित्य सृजन हो रहा है।
डॉ नीरज दइया ने अनुवाद-कार्य के अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि इस संग्रह में डॉ. अर्जुन देव चारण की पौराणिक और ऐतिहासिक स्त्री चरित्रों के मनोभावों को लेकर सृजित लंबी कविताएं हैं। इनका अनुवाद करते यूं लगता रहा जैसे ये स्त्री चरित्र साक्षात उपस्थित होकर अपनी व्यथा-कथा बता रहीं हैं। ये कविताएं हिंदी पाठकों को निःसंदेह गहरे तक संवेदित और उद्वेलित करेंगी।
युवा आलोचक डॉ ब्रज रतन जोशी ने कहा कि डॉ. अर्जुन देव चारण को प्रमुखत एक नाटककार के रूप में जाना-पहचाना जाता है किंतु वे बड़े कवि और आलोचक के साथ चिंतक के रूप में अपना विशिष्ट स्थान रखते हैं। अगनसिनान की कविताएं उनके कवि रूप को दूर दूर तक ले जाने में सहयोग कर राजस्थानी कविता की कीर्ति में श्रीवृद्धि करेगी। आभार प्रदर्शन सूर्यप्रकाशन मंदिर के निदेशक डॉ प्रशांत बिस्सा ने व्यक्त किया।
Monday, 15 May 2023
'मंडी गैंग' : सपनों की रिंग रोड का सुहाना सफर
सब्जी मंडी से शेयरबाजार तक की महत्वाकांक्षी उड़ान भरते इस उपन्यास के किरदारों को बेहद खूबसूरती के साथ गढ़ा गया है। हर पात्र का अपना एक अलग अंदाज है, स्वतंत्र अभिव्यक्ति है जो किसी दूसरे पर आश्रित नहीं है। कथानक में एक ओर सब्जी मंडी का आंतरिक वातावरण प्रस्तुत किया गया है तो वहीं ब्याज का धंधा करने वाले छोटे फायनेंसर्स की चाल और चरित्र को उभारा गया है। सामाजिक रूप से कमोबेश हर शहर में ऐसे किरदार देखे जा सकते हैं।
Saturday, 15 April 2023
मानवीय व्यवहार का बखूबी परीक्षण करती हैं पटियालवी की लघु कथाएं
( दविंदर पटियालवी के नए लघुकथा संग्रह 'उड़ान' के बहाने...)
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| दविंदर पटियालवी |
Monday, 10 April 2023
बीड़ी जलई ले जिगर से पिया, जिगर में बड़ी आग है !
(मीडिया के आइने में चेहरा देख बौखलाए विधायक के नाम चिट्ठी)
इसी मंच से कुछ रोज पहले आपने कहा था कि आपको कांग्रेस में शामिल होने की शर्त पर सूरतगढ़ को जिला बनाने का न्योता दिया गया था। यदि यह वाकई सच है तो आपने सूरतगढ़ का वो नुकसान कर दिया, जो सदियों तक याद रखा जाएगा। आज लोग निजी स्वार्थों के लिए पार्टियां बदल रहे हैं लेकिन आप इलाके के लिए ऐसा अनूठा त्याग करते तो नया इतिहास लिखा जाता। अफसोस, आपने पार्टी हितों के लिए अपने विधानसभा क्षेत्र की अनदेखी करते हुए एक बेहतरीन मौका गंवा दिया।
Saturday, 1 April 2023
जिंदा हो तो जिंदा नजर आना जरूरी है !
(सूरतगढ़ जिला बनाओ संघर्ष)
प्रशासन और पुलिस इस घटनाक्रम से एक बार तो सकते में आ गए. आनन-फानन में फायर ब्रिगेड की गाड़ी, एंबुलेंस, नागरिक सुरक्षा के सेवा कर्मी, पुलिस जाब्ता सभी चुस्त-दुरुस्त होकर घटनास्थल पर पहुंच गए. टंकी पर छात्र नेता रामू छिंपा, टिब्बा क्षेत्र के जुझारू नौजवान राकेश बिश्नोई, शक्ति सिंह भाटी, सुमित चौधरी अशोक कड़वासरा, अजय सारण, कमल रेगर 100 फुट ऊंची टंकी पर चढे नारे बुलंद कर रहे थे. इन युवाओं के इस कदम ने आंदोलन को एक नया रूप दिया है.
Thursday, 30 March 2023
उसूलों पर आंच आए तो टकराना जरूरी है !
(जिला बनाओ अभियान का संघर्ष )
आज का घटनाक्रम कुछ यूं चला कि रात्रि लगभग 3:00 बजे 8 दिन से 'सूरतगढ़ जिला बनाओ' अभियान के अंतर्गत आमरण अनशन कर रहे उमेश मुद्गल और विष्णु तरड़ को पुलिस ने उठा लिया. संवेदनहीन प्रशासन ने उन्हें जिला चिकित्सालय, श्रीगंगानगर रैफर कर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली. इन योद्धाओं को गाड़ी में बिठाकर भगवान भरोसे छोड़ दिया गया. यहां तक कि उनकी देखरेख के लिए कोई पुलिसकर्मी भी मौजूद नहीं था. जिला चिकित्सालय में वे दोनों अव्यवस्था के मारे अकेले बैठे रहे. नर्सिंग स्टाफ ने उनकी सुध तक नहीं ली और थक हार कर वे रोडवेज बस में बैठकर आठ बजे सूरतगढ़ लौट आए.
घटना की जानकारी मिलते ही शहर के संघर्षशील लोग, विधायक पूर्व विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि धरना स्थल पर पहुंचे और प्रशासन को बैकफुट पर ला दिया. जिला कलेक्टर से लेकर एसडीएम, तहसीलदार और पुलिस प्रशासन सबको इस घोर लापरवाही के लिए लताड़ा गया. गुस्साए साथियों ने प्रताप चौक पर जैसे ही जाम लगाया अधिकारी और पुलिस सभी दौड़े आए और अपनी गलती स्वीकारने लगे. जनाक्रोश को देखकर मौके पर उपस्थित उपखंड अधिकारी ने माफी मांगते हुए दोषी तहसीलदार और कर्मचारियों की लापरवाही के खिलाफ विभागीय जांच का भरोसा दिलाया और भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति ना होने की बात कही.
Wednesday, 29 March 2023
राइट टू हेल्थ कानून पर आक्रोशित है डॉक्टर्स, सरकार करे पुनर्विचार
राजस्थान में चिकित्सक और सरकार राइट टू हेल्थ बिल को लेकर आमने-सामने हैं. डॉक्टरों की हड़ताल से आम आदमी की परेशानी बढ़ती ही जा रही है लेकिन चुनावी साल के मद्देनजर सरकार सुनने को ही तैयार नहीं है. इस बिल में अनेक ऐसे प्रावधान हैं जिनकी पालना हो पाना संभव ही नहीं है. इन प्रावधानों के चलते चिकित्सा व्यवस्था में विवाद और लड़ाई झगड़े बढ़ने तय हैं. एक ओर जहां सरकार के मंत्री चिकित्सकों को कसाई बता रहे हैं वहीं दूसरी और आरटीएच के नाम पर जनता को बेवकूफ बना कर वाहवाही लूट रहे हैं.
शहर के बीचों-बीच शाहरुख खान बांट रहा कैंसर
- नशे के प्रचार में सहयोगी बना शहर का प्रशासन सूरतगढ़, 07 अक्टूबर। एक तरफ जहां जिले भर में पुलिस प्रशासन द्वारा नशामुक्ति अभियान चलाने की ...
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प्रोफेसर रजनीरमण झा हिंदी और संस्कृत साहित्य के उद्भट विद्वान हैं। वैदिक साहित्य का विश्लेषण और उस पर सारगर्भित टीकाएं उनके अध्ययन -लेखन की...

















