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Wednesday, 29 March 2023
अनशनकारी उमेश मुद्गल और विष्णु तरड़ के साथ पुलिस और प्रशासन का घोर दुर्व्यवहार
सूर्यमल्ल मीसण शिखर पुरस्कार मधु आचार्य आशावादी को
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| किरण बादल |
की किरण बादळ को उनकी पुस्तक ‘टाबरां री दुनियां’ पर, 31,000 रुपए का प्रेमजी प्रेम राजस्थानी युवा लेखन पुरस्कार लूणकरणसर के देवीलाल महिया को उनकी पुस्तक ‘अंतस रो ओळमो’ पर, 31,000 रुपए का राजस्थानी महिला लेखन पुरस्कार बीकानेर की डॉ. कृष्णा आचार्य को उनकी पुस्तक ‘नाहर सिरखी नारियां’ पर तथा 31,000 रुपए का रावत सारस्वत राजस्थानी साहित्यिक पत्रकारिता पुरस्कार ‘राजस्थली’ पत्रिका श्रीडूंगरगढ़ (सम्पादक- श्याम महर्षि) को दिया जाएगा।
Monday, 27 March 2023
जानिए तहसील में प्रचलित शब्दावली
रकबा- क्षेत्रफल,
खसरा- भूमि क्रमांक,
पांचसाला- पिछले पांच' साल का खसरा
चांदा- सीमा चिन्ह,
मुनारा- सर्वेक्षण चिन्ह,
उपकर - अबवाब (मुख्य कर का उपकर)
मौसूली- वसूली प्राप्त करना,
नस्ती- खात्मा,
अलामत- छोटे-छोटे चिन्ह,
मसाहती ग्राम- जिसकी सीमा न हो
मीजान- कुल,
सकूनत- निवास
वाजिब-उल-अर्ज- निजी जमीन में सार्वजनिक उपयोग दर्शाने वाला रिकार्ड
गिरदावरी- खेतों व फसलों का निरीक्षण कर रिकार्ड करना,
तितम्मा मिलान- हल, बैल, कृषि यंत्र की गणना,
गोशवारा- महायोग,
रूढ़ अलामात- परंपरागत सीमा,
हलफनामा- शपथ पत्र,
बैनामा- विक्रय पत्र,
बयशुदा- खरीदी,
काबिज- कब्जा है,
दीगर- अन्य,
वारिसान- उत्तराधिकारी,
बख्शीश- उपहार या दान,
फौत - मौत,
रहन- गिरवी,
कैफियत- स्पष्टीकरण/विवरण
साकिन- निवासी
मौजा बेचिराग - बिना आबादी का गांव
फकुल रहन - गिरवी रखी भूमि को छुड़ा लेना
तबादला - भूमि के बदले भूमि लेना
बैय - जमीन बेच देना
मुसन्ना - असल रिकॉर्ड के स्थान पर बनाया जाने वाला रिकॉर्ड
फर्द - नक़ल
फर्द बदर - राजस्व रिकॉर्ड में होने वाली गलती को ठीक करना
मिन - भाग
साम्बिक - भूतपूर्व
पुख्ता औसत झाड़ - पैदावार के अनुसार पक्की फसल
फसल रबी - आसाढ़ की फसल
फसल खरीफ - सावनी की फसल
जिंसवार- फसलवार जिंस का जोड़
जलसाआम - जनसभा
बशनाखत - की पहचान पर
वल्दियत - पिता का नाम बतलाना
हमशीरा - बहन
हद - सीमा
हदूद - सीमाएं
सिहद्दा - तीन गांवों को एक स्थान पर मिलाने वाला सीमा पत्थर
बनाम - के नाम
मिन जानिब - की ओर से
बिला हिस्सा - जिसमें भाग न हो
नीलाम - खुली बोली द्वारा बेचना
दस्तक - मांग का अधिकार
तकाबी - फसल ऋण
कुर्की - किसी वस्तु को सरकारी अधिकार में लेना
बदस्तूर - हमेशा की तरह या पूर्ववत
हाल - वर्तमान
खाका - प्रारूप
कारगुजारी - प्रगति रिपोर्ट
झलार - नदी नाले से पानी देने का साधन
जमा - भूमिकर
तरमीम - बदल देना या सुधार देना
मालगुजारी - भूमिकर
जदीद - नया
खुर्द - छोटा
कलां - बड़ा
खुश हैसियत - अच्छी हालत
इकरारनामा - आपसी फैसला
गोरा देह भूमि – गांव के साथ लगी भूमि
दो फसली - वर्ष में दो फसलें उत्पन्न करने वाली भूमि
सकूनत - निवास स्थान
शजरा परचा - कपड़े पर बना खेतों का नक्शा
शजरा किस्तवार - ट्रेसिंग पेपर पर बना हुआ खेतों का नक्शा
मुसावी - मोटे कागज पर खेतों की सीमाएं दर्शाने वाला नक्शा
पैमाना पीतल - मसावी बनाने के पीतल का बना हुआ इंच
फरेरा - दूर झंडी देखने के लिए बांस पर बंधा तिकोना रंग-बिरंगा कपड़ा
झंडी - लाइन को सीधा रखने के लिए 12 फीट का बांस
क्रम - 66 इंच लम्बा जरीब का दसवां भाग
गट्ठा - 57.157 इंच, जरीब का दसवां भाग
अड्डा - जरीब की पड़ताल करने के लिए भूमि पर बनाया गया माप
गज - भूमि नापने का पैमाना
पैमाइश - भूमि का नापना
शजरा नसब - भूमिदारों की वंशावली
लाल किताब - गांव की भूमि से सम्बंधित पूर्ण जानकारी देने वाली पुस्तक
मिसल हकूकियत - बंदोबस्त के समय विस्तार साथ तैयार की गई जमाबंदी
जमाबंदी - भूमि की मिल्कियत और अधिकारों की पुस्तक
खसरा गिरदावरी -
हदबस्त - तहसीलवार गावों के नम्बर
मिनजुमला – मिला-जुला भाग
नवैयत या नौइयत- भू उपयोग
पिसर मुतबन्ना - दत्तक पुत्र
जोजे- पत्नी
बेवा - विधवा
वल्द - पुत्र
कौमियत - जाति
चाह आबनोशी- आबादी में पीने के उपयोग का कुआँ
चाह आब पाशी- सिंचाई के लिए कुआँ
साकिन -निवासी
साकिन देह - भू अभिलेख से संबंधित उसी गांव का निवासी
साकिन पाही - अन्य गांव का निवासी
मुतवल्ली - मुस्लिम धार्मिक संपत्ति का कर्ता
लगान - भूमिकर
हदबंदी - सीमांकन
बिलमुक्ता - इस खसरा नंबर के भूराजस्व मे अन्य नंबर का भूराजस्व जुड़ा हुआ है
बकसरत दरखतान- अनगिनत वृक्ष
मिन्हा - मिलाना
इन्तकाल - मलकियत की तबदीली का आदेश ।
जरीब - भूमि नापने की लम्बी लोहे की जंजीर ।
रकबा बरारी - नम्बर की चारों भुजाओं की लम्बाई व चौडाई क्षेत्रफल निकालना
रकबा- खेत का क्षेत्रफल
गोशा - खेत का हिस्सा
बिसवा- 20 बिसवांसी
बिघा -20 बिसवा
शर्क - पूर्व
गर्व - पश्चिम
जनूब- दक्षिण
शुमाल - उत्तर
खेवट- मलकियत का विवरण
खतौनी - कशतकार का विवरण
पत्ती तरफ ठोला - गॉंव में मालकों का समूह
गिरदावर - पटवारी के कार्य का निरीक्षण करने वाला RI
दफ्तर कानूनगो - तहसील कार्यालय का कानूनगो
नायब दफतर कानूनगो - सहायक दफतर कानूनगो
सदर कानूनगो - जिला कार्यालय का कानूनगो ।
वासिल वाकी नवीस -राजस्व विभाग की वसूली का लेखा रखने वाला कर्मचारी
मालिक- भूमि का भू-स्वामी
कास्तकार- भूमि को जोतने वाला एवं कास्त करने वाला ।
शामलात - सांझाी भूमि
शामलात देह- गॉंव की शामलात भूमि
शामलात पाना - पाने की शामलात भूमि
शामलात पत्ती - पत्ती की शामलात भूमि
मुजारा - भूमि को जोतने वाला जो मालिक को लगान देता हो ।
मौरूसी - बेदखल न होने वाला व लगान देने वाला मुजारा
गैर मौरूसी -बेदखल होने योग्य कास्तकार
नहरी -नहर के पानी से सिंचित भूमि ।
चाही नहरी - नहर व कुएं द्वारा सिंचित भूमि
चाही -क्एं द्वारा सिंचित भूमि
चाही मुस्तार - खरीदे हुए पानी द्वारा सिंचित भूमि ।
बरानी - वर्षा पर निर्भर भूमि ।
आबी - नहर व कुएं के अलावा अन्य साधनों से सिंचित भूमि ।
बंजर जदीद - चार फसलों तक खाली भूमि ।
बंजर कदीम - आठ फसलों तक खाली पडी भूमि ।
गैर मुमकिन - कास्त के अयोग्य भूमि ।
नौतौड -कास्त अयोग्य भूमि को कास्त योग्य बनाना ।
क्लर -शोरा या खार युक्त भूमि ।
चकौता -नकद लगान ।
सालाना - वार्षिक
बटाई - पैदावार का भाग ।
तिहाई - पैदावार का 1/3 भाग ।
निसफ - पैदावार का 1/2 भाग ।
पंज दुवंजी - पैदावार का 2/5 भाग ।
चहाराम -पैदावार का 1/4 भाग ।
तीन चहाराम - पैदावार का 3/4 भाग ।
मुन्द्रजा - पूर्वलिखित (उपरोक्त)
मजकूर- चालू
राहिन - गिरवी देने वाला ।
मुर्तहिन - गिरवी लेने वाला ।
बाया -भूमि बेचने वाला ।
मुस्तरी - भूमि खरीदने वाला ।
वाहिब -उपहार देने वाला ।
मौहबईला - उपहार लेने वाला ।
देहिन्दा - देने वाला ।
गेरिन्दा - लेने वाला ।
लगान - मुजारे से मालिक को मिलने वाली राशी या जिंस
पैमाना हकीयत - शामलात भूमि में मालिक का अधिकारी ।
सरवर्क - आरम्भिक पृष्ठ ।
नक्शा कमीबेशी -पिछली जमाबन्दी के मुकाबले में क्षेत्रफल की कमी या वृद्वि
हिब्बा - उपहार ।
बैयहकशुफा - भूमि खरीदने का न्यायालय द्वारा अधिकार ।
रहन बाकब्जा - कब्जे सहित गिरवी ।
आड रहन - बिला कब्जा गिरवी ।
रहन दर रहन - मुर्तहिन द्वारा कम राशि में गिरवी रखना ।
तबादला - भूमि के बदले भूमि लेना ।
पडत सरकार - राजस्व रिकार्ड रूम में रखी जाने वाली प्रति ।
पडत पटवार - रिकार्ड की पटवारी के पास रखी जाने वाली प्रति
फर्द बदर - राजस्व रिकार्ड में हुई गलती को ठीक करना ।
पुख्ता औसत झाड - पैदावार के अनुसार पक्की फसल
साबिक - पूर्व का या पुराना या पहले का
हाल -वर्तमान, मौजूदा ।
बिला हिस्सा -जिसमें भाग न हो ।
मिन जानिब -की ओर से ।
बशिनाखत - की पहचान पर ।
पिसर या वल्द →पुत्र
दुखतर - सुपुत्री
वालिद - पिता
वालदा -माता
महकूकी - काटकर दोबारा लिखना
मसकूकी - बिना काटे पहले लेख पर दोबारा लिखना
बुरज - सरवेरी सर्वेक्षण का पत्थर
चक तशखीश - बन्दोबस्त के दौरान भूमि की पैदावार के अनुसार तहसील की भूमि का निरधारण
दुफसली →वर्ष में दो फसलें उत्पन्न करने वाली भूमि
मेड़ →खेत की सीमा
गोरा देह भूमि →गॉंव के साथ लगती भूमि
हकदार→ मालिक भूमि
महाल →ग्राम
जदीद →नया
इन्तकाल →मलकियत की तबदीली का आदेश ।
जरीब →भूमि नापने की लम्बी लोहे की जंजीर ।
रकबा बरारी →नम्बर की चारों भुजाओं की लम्बाई व चौडाई क्षेत्रफल निकालना
रकबा→ खेत का क्षेत्रफल
गोशा →खेत का हिस्सा
बिसवा→ 20 बिसवांसी
बिघा →20 बिसवा
शर्क →पूर्व
गर्व→ पश्चिम
जनूब→ दक्षिण
शुमाल→ उत्तर
खेवट→ मलकियत का विवरण
खतौनी→ कशतकार का विवरण
पत्ती तरफ ठोला→ गॉंव में मालकों का समूह
गिरदावर→ पटवारी के कार्य का निरीक्षण करने वाला RI
दफ्तर कानूनगो →तहसील कार्यालय का कानूनगो
नायब दफतर कानूनगो→ सहायक दफतर कानूनगो
सदर कानूनगो→ जिला कार्यालय का कानूनगो ।
वासिल वाकी नवीस→
राजस्व विभाग की वसूली का लेखा रखने वाला कर्मचारी
मालिक→ भूमि का भू-स्वामी
कास्तकार→ भूमि को जोतने वाला एवं कास्त करने वाला ।
शामलात →सांझाी भूमि
शामलात देह→ गॉंव की शामलात भूमि
शामलात पाना →पाने की शामलात भूमि
शामलात पत्ती →पत्ती की शामलात भूमि
मुजारा→ भूमि को जोतने वाला जो मालिक को लगान देता हो ।
मौरूसी →बेदखल न होने वाला व लगान देने वाला मुजारा
गैर मौरूसी →बेदखल होने योग्य कास्तकार
नहरी →नहर के पानी से सिंचित भूमि ।
चाही नहरी→ नहर व कुएं द्वारा सिंचित भूमि
चाही →क्एं द्वारा सिंचित भूमि
चाही मुस्तार →खरीदे हुए पानी द्वारा सिंचित भूमि ।
बरानी→ वर्षा पर निर्भर भूमि ।
आबी →नहर व कुएं के अलावा अन्य साधनों से सिंचित भूमि ।
बंजर जदीद→ चार फसलों तक खाली भूमि ।
बंजर कदीम →आठ फसलों तक खाली पडी भूमि ।
गैर मुमकिन →कास्त के अयोग्य भूमि ।
नौतौड→ कास्त अयोग्य भूमि को कास्त योग्य बनाना ।
क्लर →शोरा या खार युक्त भूमि ।
चकौता →नकद लगान ।
सालाना →वार्षिक
बटाई →पैदावार का भाग ।
तिहाई →पैदावार का 1/3 भाग ।
निसफी→ पैदावार का 1/2 भाग ।
पंज दुवंजी→ पैदावार का 2/5 भाग ।
चहाराम →पैदावार का 1/4 भाग ।
तीन चहाराम→ पैदावार का 3/4 भाग ।
मुन्द्रजा→ पूर्वलिखित (उपरोक्त)
मजकूर→ चालू
राहिन →गिरवी देने वाला ।
मुर्तहिन →गिरवी लेने वाला ।
बाया →भूमि बेचने वाला ।
मुस्तरी →भूमि खरीदने वाला ।
वाहिब →उपहार देने वाला ।
मौहबईला →उपहार लेने वाला ।
देहिन्दा→ देने वाला ।
गेरिन्दा →लेने वाला ।
लगान→ मुजारे से मालिक को मिलने वाली राशी या जिंस
पैमाना हकीयत →शामलात भूमि में मालिक का अधिकारी ।
सरवर्क →आरम्भिक पृष्ठ ।
नक्शा कमीबेशी →पिछली जमाबन्दी के मुकाबले में क्षेत्रफल की कमी या वृद्वि
हिब्बा - उपहार ।
बैयहकशुफा - भूमि खरीदने का न्यायालय द्वारा अधिकार ।
रहन बाकब्जा - कब्जे सहित गिरवी ।
आड रहन - बिला कब्जा गिरवी ।
रहन दर रहन - मुर्तहिन द्वारा कम राशि में गिरवी रखना ।
तबादला - भूमि के बदले भूमि लेना ।
पडत सरकार -राजस्व रिकार्ड रूम में रखी जाने वाली प्रति ।
पडत पटवार- रिकार्ड की पटवारी के पास रखी जाने वाली प्रति
फर्द बदर - राजस्व रिकार्ड में हुई गलती को ठीक करना ।
पुख्ता औसत झाड- पैदावार के अनुसार पक्की फसल
साबिक- पूर्व का या पुराना या पहले का
हाल - वर्तमान, मौजूदा ।
बिला हिस्सा -जिसमें भाग न हो ।
मिन जानिब - की ओर से ।
बशिनाखत - की पहचान पर ।
पिसर या वल्द -पुत्र
दुखतर - सुपुत्री
वालिद- पिता
वालदा - माता
महकूकी -काटकर दोबारा लिखना
मसकूकी -बिना काटे पहले लेख पर दोबारा लिखना
बुरजी - सरवेरी सर्वेक्षण का पत्थर
चक तशखीश -बन्दोबस्त के दौरान भूमि की पैदावार के अनुसार तहसील की भूमि का निरधारण
दुफसली - वर्ष में दो फसलें उत्पन्न करने वाली भूमि
मेड़ -खेत की सीमा
गोरा देह भूमि -गॉंव के साथ लगती भूमि
हकदार - मालिक भूमि
महाल - ग्राम
जदीद - नया
Saturday, 25 March 2023
मैं सूरतगढ़ बोल रहा हूं !
( एक शहर का दर्द भरा आह्वान )
दुकानों और घरों में दुबके मेरे बच्चे-बच्चियों, यह वक्त हाथ पर हाथ धरकर बैठने का नहीं है, सड़क पर उतर कर अपना हक मांगने का है. तुम्हारे बाप के साथ कड़ूम्बे की पंचायत ने अपमानजक दुभांत की है, यदि आज तुम नहीं चेते तो सरकार का यह भेदभाव तुम्हें कहीं का नहीं छोड़ेगा. संघर्ष की राह पर तुम भी सोचना शुरू करो. बाजार पूरे नहीं तो आधे दिन के लिए भी बंद किए जा सकते हैं, प्रशासन को ठप किया जा सकता है, नगरपालिका, पंचायत समिति और ग्राम पंचायतों में पेन डाउन स्ट्राइक हो सकती है, न्यायालयों का बहिष्कार किया जा सकता है, बिजली बोर्ड के बिल भरने से मना किए जा सकते हैं, सरकार के नुमाइंदों को घेरा जा सकता है आदि आदि.....जाने कितने ऐसे लोकतांत्रिक तरीके हैं जिनसे सरकारों को झुकाया जा सकता है. अपने बाप पर यकीन नहीं तो किसान आंदोलन का इतिहास एक बार फिर देख लो.
ग्रामीण क्षेत्र प्रतिभाओं की खान है, बस उचित अवसर और सही मंच मिले
अकादमी पुरस्कार घोषित होने पर इक्कीस कॉलेज की छात्रा निर्मला का गांव में हुआ सम्मान
Friday, 24 March 2023
अकादमी साहित्य पुरस्कार इक्कीस कॉलेज की निर्मला शर्मा को
लूणकरणसर उपखण्ड में पहली बार मिला है किसी को यह पुरस्कार
लूणकरणसर, 24 मार्च। राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर का राज्य स्तरीय चंद्रदेव शर्मा साहित्य पुरस्कार इस बार इक्कीस कॉलेज, गोपल्याण की छात्रा निर्मला शर्मा को दिए जाने की घोषणा की गई है। साहित्य अकादमी अध्यक्ष डॉ.दुलाराम सारण और डॉ.सचिव बसंतसिंह सोलंकी ने शुक्रवार को वर्ष 2022-23 के विभिन्न साहित्यिक पुरस्कारों की घोषणा उदयपुर में अकादमी कार्यालय से की।
निर्मला को यह पुरस्कार कहानी विधा के लिए मिलेगा। पिछले दिनों हुए लम्पी रोग को केंद्र में रखकर लिखी गई उनकी कहानी "कोई चारा नहीं" के लिए यह पुरस्कार घोषित हुआ है। यह पुरस्कार उनको आगामी दिनों में आयोजित अकादमी के भव्य समारोह में दिया जाएगा। इसके अलावा एकांकी विधा के लिए तनिष्का पड़िहार, तारानगर, कविता विधा के लिए हिमांशु भारद्वाज, चूरू, निबन्ध विधा के लिए मैना कंवर सुजानगढ़ को यह पुरस्कार दिया जाएगा।
गौरतलब है कि निर्मला शर्मा स्नातक द्वितीय वर्ष की विद्यार्थी है। मलकीसर बड़ा गांव की निर्मला के पिता ओमप्रकाश खेती करते है वहीं मां कृष्णा देवी गृहणी है। साहित्य से सरोकार रखने वाली निर्मला कॉलेज के साहित्यिक वातावरण को अपने लेखन का आधार मानती है।
● इनको देती है श्रेय-
निर्मला का कहना है कि "इक्कीस कॉलेज का वातावरण साहित्यिक है। यहाँ की लाइब्रेरी समृद्ध है। कॉलेज के डॉ.हरिमोहन सारस्वत, राजूराम बिजारणियां और आशा शर्मा का सानिध्य लेखन के प्रति हमेशा प्रेरित करता है।"
● खुशी का इज़हार-
निर्मला शर्मा को चन्द्रदेव शर्मा पुरस्कार मिलने पर साहित्यकार राजूराम बिजारणियां, हरिमोहन सारस्वत 'रूंख', आशा शर्मा, कैलाश कुमार, हरिसिंह, संतोष, भीमसेन, ओंकारनाथ योगी, रामजीलाल घोड़ेला, जगदीशनाथ भादू, दुर्गाराम स्वामी, कान्हा शर्मा, नन्दकिशोर सारस्वत सहित विभिन्न जनों ने बधाई दी।
Monday, 27 February 2023
'आधुनिक बाल साहित्य:दशा एवं दिशा' पर जोधपुर में हुआ विमर्श
तकनीकी युग में बाल साहित्य ही बचा सकता है संस्कारों की थाती
लूणकरणसर, 27 फरवरी राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर एवं चनणी फाउण्डेशन, जोधपुर के संयुक्त तत्वावधान में जोधपुर आयोजित साहित्यिक आयोजन में लूणकरणसर उपखण्ड के साहित्यकार राजूराम बिजारणियां और मदनगोपाल लढ़ा ने शिरकत की। जोधपुर के होटल चंद्रा इन में आयोजित इस कार्यक्रम में राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष संगीता बेनीवाल और अकादमी अध्यक्ष दुलाराम सहारण ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। लूणकरणसर के कवि, चित्रकार राजूराम बिजारणियां ने "वर्तमान में बाल साहित्य लेखन और चुनौतियां" विषय पर पत्रवाचन करते हुए कहा कि तकनीकी युग में बाल साहित्य ही संस्कारों की थाती को बचा सकता है। महाजन के डॉ. मदन गोपाल लढ़ा ने प्रथम सत्र में अध्यक्षता का दायित्व निभाते हुए कहा कि घर में किताब का कोना होना चाहिए ताकि पठन की संस्कृति बची रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में सरदार व.भा. पुलिस वि.वि., जोधपुर, कुलसचिव, श्वेता चौहान (आई.ए.एस.) का सानिध्य रहा। कार्यक्रम संयोजक संतोष चौधरी ने फाउंडेशन की ओर से आभार प्रकट किया।
फूल वाली पार्टी ने किसे बनाया 'फूल' !
शहर के बीचों-बीच शाहरुख खान बांट रहा कैंसर
- नशे के प्रचार में सहयोगी बना शहर का प्रशासन सूरतगढ़, 07 अक्टूबर। एक तरफ जहां जिले भर में पुलिस प्रशासन द्वारा नशामुक्ति अभियान चलाने की ...
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प्रोफेसर रजनीरमण झा हिंदी और संस्कृत साहित्य के उद्भट विद्वान हैं। वैदिक साहित्य का विश्लेषण और उस पर सारगर्भित टीकाएं उनके अध्ययन -लेखन की...
















